Plaza market day · Free shipping over $75 · Mosaic picks
4.4

Nazm E Jyotish [Hindi] 9780976517726 होकर सर्वत्र विद्यमान रहती है।

SKU 87896417891
USD154.50 USD187.50

Pay in 4 interest-free payments of $38.62 Learn more

Shipping Estimate
USA
  • USA
  • CAN

Ships within 48 hours · Estimated delivery Aug 28 - Sep 2

Description

होकर सर्वत्र विद्यमान रहती है।

breaking down their astrological significance

अपितु पूर्ण विश्वास है कि हमारे सुधि पाठक प्रस्तुत ग्रन्थ का अध्ययन करके " मनु स्मृति " के वास्तविक स्वरूप और सिद्धान्तों का ज्ञान प्राप्त करेगे और तदनुरूप आचरण करते हुए सुखी और दीर्घ जीवन प्राप्त करेगे तथा चतुवर्ग फल प्राप्ति के अधिकारी बनेगे I

गुरुजी की काफी दिनों से इच्छा रही ज्योतिष पर पुस्तक लिखने की  जो २००८ में कालपात्र नाम से पूर्ण हुआ | उनका कहना था कि ज्योतिष का सम्बन्ध जितना देश काल पात्र से है उतना ही योग और तंत्र साधना से भी है। गुरुजी  का ज्योतिष शास्त्र पर पुस्तक लिखने का उद्देश्य था कि जन सामान्य व प्रबुध्द  पाठकगण ज्योतिष शास्त्र से सम्बन्धित विषयों का ज्ञान हो तथा अपने जीवन में उसका सद्पयोग करें | गुरुजी ने योग-तंत्र के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र पर भी गहन शोध किया और सामान्य भाषा में प्रस्तुत करने का भरसक प्रयास भी किया। उनका कहना था कि वेदों के समान भारतीय ज्योतिष शास्त्र की प्राचीनता है और है महत्व । अथरव॑वेद के ६५ ऋचाओं में ज्योतिष सम्बंधित ज्ञान वर्णित है  देखा जाए तो सम्पूर्ण ज्योतिष शाश्त्र सूर्या

पराक्रम व् कार्य कुशलता

Nazm E Jyotish [Hindi] 9780976517726 होकर सर्वत्र विद्यमान रहती है।Nazm E Jyotish [Hindi] By Rohit Sharma Publisher: Notion Press

Exchange/Return Notes
  • We offer a 30-day return/exchange service after receiving.
  • Final sale items are not eligible for returns or exchanges.
  • To process your return/exchange, please contact us at [email protected]
  • Please click here for more details>>> Return & Exchange Policy

You may also like

recommand products